रांची।​ झारखंड विधानसभा परिसर में महिला एवं बाल विकास समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का नेतृत्व समिति की सभापति सह गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने किया। इस दौरान कल्पना सोरेन ने पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल नगरी शक्ति वंदन पर कहा कि ये पहले बहस का मुद्दा है इस पर बातें होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे देश में जब महिलाओं की आबादी लगभग आधी है, तो फिर उनका प्रतिनिधित्व केवल 33% तक सीमित क्यों? आरक्षण भी 50% होना चाहिए था। राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात हम पहले से करते आए हैं, और आज भी पूरे मजबूती से इसके पक्ष में खड़े हैं। लोकसभा हो या विधानसभा महिलाओं को उनका हक मिलना ही चाहिए।
लेकिन मैं केंद्र सरकार से सीधा सवाल पूछना चाहती हूँ कि क्या देश को चलाने के लिए अब डेटा की ज़रूरत नहीं रह गई है?आप लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने की बात कर रहे हैं, आप परिसीमन की बात कर रहे हैं, आप महिलाओं को आरक्षण देने की बात कर रहे हैं, लेकिन बिना जनगणना, बिना वास्तविक आंकड़ों के, यह कैसी जल्दबाजी है?यह सिर्फ एक नीति नहीं है, यह देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बदलने का फैसला है। और ऐसे फैसले भावनाओं से नहीं, तथ्यों और आंकड़ों से लिए जाने चाहिए ।

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