
राँची । आरसीएम की राष्ट्रव्यापी रूपांतरण यात्रा के शुभारंभ के बाद से अब तक लाखों नवोद्यमी इससे जुड़ चुके हैं, जो कंपनी की जन-आधारित विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यात्रा का नवीनतम पड़ाव राँची रहा, जहां हजारों नागरिकों ने स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार को बढ़ावा देने वाली विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की।
राँची और इससे पहले आयोजित 20 शहरों में लाखों लोगों की भागीदारी को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 75 शहरों की इस यात्रा के 23 दिसंबर 2025 को समापन तक इसकी पहुंच लगभग एक मिलियन लोगों तक हो सकती है।
राँची कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं और परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने रक्तदान किया और स्वस्थ जीवनशैली व आत्मनिर्भरता के बारे में जानकारी प्राप्त की। लोगों का सामूहिक उत्साह इस बात का प्रमाण था कि वे केवल उपस्थित होने के लिए नहीं, बल्कि निःस्वार्थ योगदान देने के लिए आगे आए-यह दर्शाता है कि यात्रा किस प्रकार लोगों को स्वास्थ्य (Swasthya), सेवा (Sewa) और संस्कार (Sanskaar) के तीन मूल स्तंभों पर कार्य करने के लिए प्रेरित कर रही है।
झारखंड आरसीएम की विकास यात्रा में एक विशेष स्थान रखता है। राज्य ने हमेशा आरसीएम की पहलों के प्रति मजबूत जुड़ाव दिखाया है, जो यहां के लोगों के विश्वास और सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
16 सितंबर 2025 को रूपांतरण यात्रा की शुरुआत के बाद से अब तक 20,000 से अधिक लोग आरसीएम परिवार से जुड़ चुके हैं, जिससे कंपनी के दो मिलियन से अधिक सक्रिय एसोसिएट बायर्स के नेटवर्क को और मजबूती मिली है। जैसे-जैसे यात्रा अन्य शहरों की ओर अग्रसर है, यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी के नेटवर्क का यह विस्तार न केवल सस्ते और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों पर लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है, बल्कि महिलाओं, युवाओं और नवोद्यमियों को स्थायी स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में आरसीएम के प्रयासों को भी प्रतिबिंबित करता है।


