
पटना । बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने आगामी चुनावों से पहले एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े ऐलान किए हैं. उन्होंने खासतौर पर महिलाओं, जीविका दीदियों और संविदा कर्मियों को ध्यान में रखते हुए कुछ ऐतिहासिक वादे किए, जो चुनावी माहौल को गर्मा सकते हैं. बता दें कि बिहार में 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है. इस दौरान 121 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.
1. जीविका दीदियों को 30 हजार वेतन और सरकारी दर्जा
तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है तो जीविका दीदियों को हर महीने 30,000 रुपये का वेतन दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा भी मिलेगा. उन्होंने बताया कि उनके दौरे के दौरान कई जीविका दीदियों ने उनसे मुलाकात की थी और अपनी समस्याएं साझा की थीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया गया है. इसके अलावा, तेजस्वी ने यह भी वादा किया कि जीविका दीदियों को दिए गए पुराने ऋण माफ किए जाएंगे और भविष्य में उन्हें ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. पहले दो वर्षों तक दिए गए लोन पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा.
2. CM दीदियों को स्थायी नियुक्ति
तेजस्वी यादव ने ‘सीएम दीदी’ कार्यक्रम के तहत कार्यरत जीविका दीदियों के लिए एक और बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद इन्हें स्थायी नियुक्ति दी जाएगी. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को न केवल सामाजिक पहचान मिलेगी बल्कि आर्थिक रूप से भी वे सशक्त होंगी.
3. संविदा कर्मियों की नौकरी होगी स्थायी
तेजस्वी ने संविदा पर कार्य कर रहे सरकारी कर्मियों के लिए भी बड़ा ऐलान किया. उन्होंने वादा किया कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार सभी संविदा कर्मियों की नौकरी को स्थायी करेगी. यह निर्णय लाखों अस्थायी कर्मचारियों के लिए राहत भरा हो सकता है, जो लंबे समय से स्थायित्व की मांग कर रहे हैं. तेजस्वी यादव ने अपने पहले चुनावी वादे को दोहराते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने के 20 महीने के भीतर हर परिवार में एक सरकारी नौकरी सुनिश्चित की जाएगी. ये वादा तेजस्वी यादव पहले ही कर चुके हैं. हालांकि उनके इस वादे को लेकर भी काफी सियासी पारा हाई हुआ था. विरोदी सियासी दलों का मानना है कि इतनी नौकरी देना संभव ही नहीं है.


