
लातेहार: पलामू एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की टीम ने सोमवार को लातेहार प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र के बीपीएम सह एमटीएस अजय भारती को ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को धर्मपुर स्थित उसके डेरा पर ले गई, जहां सघन तलाशी ली गई। बाद में अजय भारती को टीम पलामू मुख्यालय ले गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अजय भारती ने स्वास्थ्य केंद्र की एक एएनएम से कार्य संपादन के एवज में ₹10,000 की रिश्वत की मांग की थी। बाद में दोनों के बीच ₹5,000 पर सहमति बनी। सोमवार दोपहर जब एएनएम ने उसे राशि दी, उसी समय एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।इस मामले को लेकर स्वास्थ्य सांसद प्रतिनिधि डॉ. चंदन कुमार सिंह ने कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा मुखर रहा हूं। ऐसे कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि दूसरों को सबक मिले।डॉ. सिंह ने हाल ही में जालिम स्वास्थ्य उपकेंद्र में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत का भी जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लापरवाह कर्मियों को चेतावनी दी कि सुधर जाएं, नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अजय भारती केवल मलेरिया सुपरवाइजर था, इसके बावजूद उसे बीपीएम (ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर) जैसे जिम्मेदार पद पर कैसे नियुक्त किया गया, जबकि वह नॉन-टेक्निकल स्टाफ है। उन्होंने बताया कि यह मामला पूर्व में मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएस) के समक्ष भी उठाया जा चुका है।युवा समाजसेवी नागमणि कुमार ने भी एसीबी की कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि यह एक सख्त संदेश है उन सभी भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जो यह सोचते हैं कि घूस लेकर बच सकते हैं। कानून से कोई नहीं बच सकता। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की लगातार कार्रवाई जरूरी है।


