
पटना । भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही बिहार में आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी। यह आदर्श आचार संहिता मतदान प्रक्रिया समाप्त होने तक राज्य सरकार, राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और आम जनता पर लागू रहेगी। आचार संहिता के तहत सार्वजनिक स्थलों पर राजनीतिक दलों के होर्डिंग, बैनर, पोस्टर आदि का प्रदर्शन वर्जित होगा। निजी परिसरों में भी लिखित सहमति पर ही पोस्टर-बैनर लग सकेंगे। इसका उल्लंघन करने वाले राजनीतिक दलों, नेताओं, कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों पर संपत्ति विरुपण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जायेगी। चुनाव आयोग के निर्देश पर हर जिले में आचार संहिता की कड़ी निगरानी होगी। इसकी निगरानी को लेकर एडीएम के नेतृत्व में टीम बनेगी। आम जनता भी चुनाव आयोग के सी-विजिल एप पर आचार संहिता के उल्लंघन की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे। जिला प्रशासन द्वारा राजनीतिक दलों व कार्यकर्ताओं को पोस्टर-बैनर हटाने के लिए 24 से 36 घंटे का समय दिया जाएगा। उसके बाद भी बैनर-पोस्टर नहीं हटाने वालों पर एफआईआर होगी। चुनाव में धन बल और बाहुबल पर कड़ी निगरानी को लेकर भी टीम बनाई जाएगी। इसमें प्रवर्तन एजेंसियों आयकर विभाग, आर्थिक अपराध इकाई आदि के पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे। नकली नोट या बड़े पैमाने पर नकदी के लेन-देन की शिकायतों पर टीम कार्रवाई करेगी।


