धनबाद । जिले के तेतुलमारी थाना क्षेत्र के पांडेयडीह में अचानक हुए सिलेंडर ब्लास्ट में कई जिंदगियां तबाह हो सकती थी लेकिन गनीमत रही कि दुकान में रखे करीब 25 से 30 सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुए वरना उस भयावाह दृश्य को शायद ही कोयलांचल के लोग भूल पाते. जानकारी के मुताबिक, टायर पंचर बनाने वाली दुकान में अवैध तरीके से एलपीजी रिफिलिंग का कारोबार होता था. रिफिलिंग के दौरान हुए हादसे में करीब 5 से 6 एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट हुए थे. जिसमें दुकान संचालक सोनार जख्मी हो गया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं इस हादसे में एक बच्चा, जो गैस भरवाने के लिए दुकान पर आया था, उसने भागकर जान बचाई थी. सोमवार को फायर ब्रिगेड की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की. जांच पड़ताल के दौरान आसपास के लोगों से पूछताछ की, जिसमें लोगों ने चौंकाने वाली बातें बताई हैं. फायर ब्रिगेड अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद सिंह ने बताया कि जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि अवैध तरीके से दुकान में एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग का काम चलता था. एक बच्चा सिलेंडर में गैस भराने के लिए पहुंचा था. गैस भरने के बाद संचालक खेदन सोनार, लाइटर या माचिस जलाकर लीकेज की जांच कर रहा था, तभी आग लग गई. आग लगने के बाद बच्चा मौके से भाग खड़ा हुआ. इस बीच दुकान संचालक आग बुझाने की कोशिश करने लगा. इतने में एक एक करके दूसरे सिलेंडरों में आग लग गई, जिसके बाद ब्लास्ट हुआ. इस हादसे में कुल 5 से 6 सिलेंडर ब्लास्ट हुए हैं. लक्षण प्रसाद सिंह ने कहा कि घटना के दौरान वह कतरास दुर्गा पूजा में मौजूद थे. सूचना मिलने के बाद दमकल के चार वाहन के साथ फायर ब्रिगेड की टीम को भेजा गया. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. दुकान संचालक खेदन सोनार को SNMMCH भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. लक्ष्मण प्रसाद सिंह ने बताया कि गैस की रिफिलिंग के साथ ही वाहनों के पंचर भी बनाए जाते थे. एयर कंप्रेसर टैंक और मशीन भी दुकान के अंदर थी. आग लगने के बाद टैंक में मौजूद हवा ने आग को और बढ़ा दिया, जिसके कारण आग पर काबू पाने में काफी कठिनाई हुई. फायर ब्रिगेड अधिकारी ने बताया कि 5 से 6 सिलेंडर ब्लास्ट होने के अलावा करीब 25 से 30 सिलेंडर दुकान के अंदर और भी मौजूद थे, अगर ये सिलेंडर आग पकड़ लेते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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