
चरही :- हजारीबाग सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पंडरा गांव से अवैध रूप से संग्रहित 18 टन 480 किलोग्राम कोयले को जब्त किया। यह छापेमारी तापीन नॉर्थ क्षेत्र में की गई, जहाँ गुप्त सूचना के आधार पर अवैध कोयला भंडारण की पुष्टि हुई थी।

इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व सीसीएल के सुरक्षा विभाग एवं वन विभाग की टीम ने मिलकर किया। कार्रवाई में तापीन नॉर्थ परियोजना के एरिया पदाधिकारी, सुरक्षा प्रभारी, वन विभाग के रेंजर और वनपाल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इलाके में दबिश दी और कोयले के अवैध भंडारण को पकड़ा।
जब्त किए गए कोयले की कुल मात्रा 18.48 टन (18,480 किलोग्राम) आंकी गई है, जिसे तत्काल प्रभाव से तापीन नॉर्थ परियोजना अधिकारी को सुपुर्द कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध खनन और कोयले की तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई थी। क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से कोयला खनन और उसका संग्रहण किए जाने की सूचना मिल रही थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए यह संयुक्त अभियान चलाया गया।
सीसीएल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी ताकि कोल परियोजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। वन विभाग के अधिकारियों ने भी इस छापेमारी को सफल करार देते हुए कहा कि जंगलों और खनन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए इस प्रकार की कार्रवाई बेहद आवश्यक है।
इस छापेमारी के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। स्थानीय प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी गई थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जब्त कोयले से संबंधित विस्तृत जांच जारी है, और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह छापेमारी अवैध कोयला कारोबार पर करारा प्रहार मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र में कोयला तस्करी पर अंकुश लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।

