साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई अब निर्णायक दिशा में बढ़ती नजर आ रही है। रांची से पहुंची केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की विशेष टीम ने जिले में डेरा डालते हुए जांच की रफ्तार तेज कर दी है। छह अधिकारियों की यह टीम अगले कुछ दिनों तक साहिबगंज में रहकर अवैध खनन से जुड़े मामलों की गहराई से पड़ताल करेगी। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने जिले में पहुंचते ही दो क्रशर इकाइयों का स्थल निरीक्षण किया। यहां मशीनों की स्थिति, पत्थरों के भंडारण और संचालन की प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया गया। साथ ही, अवैध रूप से निकाले गए खनिजों की संभावित मात्रा और उनके आर्थिक मूल्य का आकलन भी शुरू कर दिया गया है। खनन दफ्तर की फाइलें और नींबू पहाड़ जांच के घेरे में
विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि जांच टीम जिला खनन कार्यालय पहुंचकर खनन लीज, परमिट, उत्पादन विवरण और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर सकती है। इसके अलावा, लंबे समय से विवादों में रहे नींबू पहाड़ क्षेत्र का भी भौतिक निरीक्षण संभावित है। इस इलाके को लेकर पहले ही बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और कारोबार के आरोप सामने आते रहे हैं। पूरे नेटवर्क को खंगालने की तैयारी बताया जा रहा है कि जांच केवल खनन स्थलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अवैध खनन के पूरे तंत्र—उत्खनन, क्रशर संचालन और बिक्री—की कड़ियों को जोड़कर पड़ताल की जाएगी। इस क्रम में संबंधित लोगों से पूछताछ और जरूरी दस्तावेजों की जब्ती की भी संभावना जताई जा रही है।जांच एजेंसी की मौजूदगी से जिले के प्रशासनिक हलकों में खलबली मची हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह कार्रवाई साहिबगंज में वर्षों से चले आ रहे अवैध खनन के बड़े खेल पर से पर्दा उठा सकती है।

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