
परवेज़ कुरैशी
रांची। नवरात्रा में महिला शक्ति को बढ़ावा देने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए गए निर्णय को झारखंड कज डीजीपी अनुराग गुप्ता ने पूरा किया। अब झारखंड के सभी जिलों में चिन्हित थानों में महिला मुंशी करेगी काम। महिला सशक्तिकरण और संवेदनशील पुलिसिंग को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय के द्वारा राज्य के सभी जिलों के चिन्हित थानों में मुंशी का कार्य करने के लिए ट्रेंड महिला आरक्षियो को जिलों में पदस्थापित कर दिया गया है।
झारखंड ने अपने पद पर योगदान देने के बाद घोषणा की थी की हर थाने में महिला मुंशी होंगी। डीजीपी ने अपने वादे को पूरा कर दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को यह निर्देश दिया गया है कि जिलों में जिन महिला आरक्षण की पोस्टिंग की गई है उन्हें 27 सितंबर से लेकर 11 अक्टूबर तक किसी भी थाना में संबंध करते हुए व्यवहारिक ट्रेनिंग करवाई जाए, ट्रेनिंग के पश्चात चिन्हित थानों में उनकी प्रतिनियुक्ति करना सुनिश्चित किया जाए।
सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक को यह निर्देश दिया जाता है कि एक थाना में काम से कम तीन महिला आरक्षियो को मुंशी कार्य के लिए नियुक्त करें, ट्रेंड महिला मुंशीयों को सिर्फ थाने के मुंशी का काम ही लिया जाए उन्हें अन्य किसी भी कार्य में ना लगाया जाए। पुलिस मुख्यालय के द्वारा जारी किए गए निर्देश में यह भी बताया गया है कि जिस थाने में महिला मुंशी की पोस्टिंग होगी उस थाना में पूर्व से पदस्थापित पुरुष पुलिसकर्मी जो पूर्व से मुंशी का काम कर रहे हैं उन्हें उस थाने से हटकर अन्य जगह प्रतिनियुक्त किया जाये। राज्य भर से एक हजार आवेदन आये थे, जिसमें ढाई सौ महिला को चयन किया गया था और सभी को ट्रेनिंग दी गई थी , इस कंप्यूटर में टाइपिंग करना साइबर थाना के रिकॉर्ड अपडेट करना, पुलिस मैनुअल की जानकारी, केस डिस्पैच करना, केस रजिस्टर्ड करना, ऑनलाइन केस दर्ज करना इत्यादि, जिसमें 244 महिला पुलिस सफल हुई हैं, उन्हें विभिन्न थानों में महिला मुंशी के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

