
साहिबगंज/राजमहल। शनिवार सुबह गंगा नदी में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक सवारी नाव अचानक पलट गई। हादसा महाराजपुर गदाई दियारा के पास हुआ, जो झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा इलाका है। नाव में कुल 32 लोग सवार थे। इनमें से 28 लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली, जबकि चार लोग नदी की तेज धारा में बह गए। इनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है, वहीं तीन लोग अब भी लापता हैं। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे तालझारी थाना क्षेत्र के महाराजपुर घाट से एक नाव गदाई दियारा की ओर रवाना हुई थी। इस नाव में सवार यात्रियों में अधिकांश लोग रांगा थाना क्षेत्र के निवासी थे, जो पारंपरिक तरीके से चूहा पकड़ने के लिए दियारा जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव में क्षमता से अधिक सवारियां थीं और जैसे ही नाव गंगा के बीच पहुंची, उसका संतुलन बिगड़ गया। नाव डगमगाने लगी और यात्रियों में घबराहट फैल गई। इसके चलते नाव पलट गई और सभी यात्री पानी में गिर गए। गनीमत रही कि अधिकांश को तैरना आता था और वे किनारे तक पहुंच गए। लेकिन चार लोग जो तैरना नहीं जानते थे, वे गंगा में डूब गए। इनमें एक युवक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि बाकी तीन की तलाश जारी है। घटना की सूचना मिलते ही गंगा नदी थाना प्रभारी लव कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगा में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। प्रशासन ने नाव हादसे की जांच शुरू कर दी है और प्रत्यक्षदर्शियों से बयान भी लिए जा रहे हैं। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि क्या नाविक के पास वैध लाइसेंस था और नाव की स्थिति यात्रा के अनुकूल थी या नहीं।
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें।


