
रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से शुरू हो रहा है। यह 7 अगस्त तक चलेगा। इस बार सत्र में कुल पांच कार्य दिवस होंगे। सत्र की शुरुआत 1 अगस्त को राज्यपाल की सहमति प्राप्त विधेयकों को सदन के पटल पर रखने और दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। मानसून सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने कमर कस ली है। विपक्ष राज्य में कानून व्यवस्था की बदहाली, भ्रष्टाचार, मंईयां सम्मान योजना की खामियां और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। वहीं, सरकार भी अपने मंत्रालयों की उपलब्धियों और तथ्यों के साथ विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी में जुटी है। इस बार का मानसून सत्र कई मायनों में अहम माना जा रहा है। 4 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त को अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी। साथ ही प्रश्नकाल के दौरान विधायकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब लेने का मौका मिलेगा। 6 अगस्त को प्रश्नकाल के बाद राजकीय विधेयकों पर चर्चा होगी, जबकि 7 अगस्त को प्रश्नकाल के बाद राजकीय विधेयकों के साथ-साथ गैर सरकारी संकल्प भी सदन में लाए जाएंगे। यह दिन सत्र का अंतिम दिन होगा। सरकार ने अपने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने विभाग की उपलब्धियों के साथ सत्र में भाग लें। विपक्ष के सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने की पूरी तैयारी रखें। मंत्रियों को विभागीय दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।


