
रांची। जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड के छह गरीब मजदूर बच्चे जो रोजगार की तलाश में तमिलनाडु गए थे, उनके अपहरण की खबर सामने आते ही पूरे झारखंड में चिंता और आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों को वीडियो कॉल के माध्यम से डराया-धमकाया गया और अपहरणकर्ताओं द्वारा फिरौती की मांग की गई। मजबूर परिजनों ने अब तक ₹80,000 की रकम भी भेज दी थी।इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही झारखंड सरकार में मंत्री और जामताड़ा के विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने तत्काल इसे राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के संज्ञान में लाया। मंत्री जी के स्पष्ट निर्देश पर तमिलनाडु पुलिस से संपर्क साधा गया और उच्च स्तरीय समन्वय के बाद तमिलनाडु के सालेम जिले से सभी 6 बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है।
बरामद बच्चों के नाम हैं:
इरफान अंसारी, जहीर अंसारी, अरबाज अंसारी, किस्मत अंसारी, इरशाद अंसारी और अल्फत अंसारी। सभी फिलहाल सालेम थाना में पुलिस सुरक्षा में हैं।
तमिलनाडु पुलिस ने बताया है कि सभी अपहरणकर्ता पुलिस की दबिश के दौरान मौके से फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। IG ऑपरेशन्स डॉ. माइकल राज एस. ने स्वयं मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को मामले की पूरी जानकारी देते हुए आश्वस्त किया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाएगी।मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा की समय पर सूचना मिलने से बच्चों की जान बचाई जा सकी। अगर थोड़ी भी देर होती, तो कोई अप्रिय घटना हो सकती थी। मैंने तुरंत तमिलनाडु के अधिकारियों से बात कर सख्त कार्रवाई की मांग की। ये बच्चे बेहद गरीब परिवारों से आते हैं, जो रोजगार के लिए बाहर गए थे। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। राज्य सरकारों को मिलकर सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई प्रवासी श्रमिक इस प्रकार की घटना का शिकार न हो।डॉ. अंसारी ने तमिलनाडु सरकार को धन्यवाद देते हुए आग्रह किया है कि सभी बच्चों को पूरी सुरक्षा के साथ शीघ्र झारखंड लौटाया जाए और इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आपसी समन्वय और निगरानी को और मजबूत किया जाए।

