पोटका में नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने कसा शिकंजा, अवैध प्लाटिंग करने वालो पर प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

पोटका। पोटका प्रखंड क्षेत्र में अवैध जमीन प्लाटिंग के खिलाफ अब प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुका है। सरकार के नियमों और नक्सा विचलन का उल्लंघन कर क्षेत्र में जमीनों की अवैध प्लाटिंग करने वाले बिल्डरों और दलालों पर कड़ी कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है।

पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर गुरुवार को उपविकास आयुक्त नागेंद्र पासवान के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने पोटका के रसुनचोपा में ‘अपना घर’ और गितीलता में ‘नंदन एलीट’ प्रोजेक्ट का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने पाया कि इन जगहों पर नियमों को ताक पर रखकर जमीनों को अवैध तरीके से प्लॉट किया जा रहा था, जहां स्मार्ट सिटी कालोनी, रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल और आवासीय क्वार्टर बनाए जा रहे थे।

अपना घर प्रोजेक्ट में संचालक अनुपस्थित पाए गए, जबकि नंदन एलीट प्रोजेक्ट में महिला संचालक मौजूद थीं। डीडीसी ने उन्हें कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि बिना जिला परिषद से नक्शा पास कराए निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दोनों प्रोजेक्ट्स को पहले ही प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया था, जब जांच में अवैध गतिविधियों का खुलासा हुआ था। निरीक्षण के बाद उपविकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पोटका में लगभग 35 और पूरे जिले में सैकड़ों जगहों पर अवैध जमीन प्लाटिंग कर रहे बिल्डरों और डेवलपर्स को अब जिला परिषद से नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उन्हें कठोर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

इस कार्रवाई में बीडीओ अरुण कुमार मुंडा, सीओ निकीता बाला, सहायक अभियंता प्रताप मोहंती, अभिषेक नंदन, कोवाली थाना के सब इंस्पेक्टर मोबिन अंसारी, बीपीओ आवास तापस त्रिपाठी और जिला मनरेगा टीम ने भी सहयोग किया।

अब प्रशासन के इस कड़े कदम के बाद अवैध प्लाटिंग करने वालों के हाथ-पैर फूल चुके हैं, और उन्हें अपनी अवैध योजनाओं पर पानी फिरते हुए नजर आ रहा है। अब ये बिल्डर और जमीन दलाल समझ रहे हैं कि प्रशासन के खिलाफ कानून का उल्लंघन करने का कोई मौका नहीं मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *