
चतरा । सिमरिया थाना क्षेत्र के टूटीलावा स्कूल के समीप बीते गुरुवार देर शाम 7 बजे दो मोटरसाइकिल के सीधा टक्कर में एक की मौत गई और तीन बुरी तरह घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते हीं सिमरिया पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर बेहतर इलाज के लिए 108 एम्बुलेंस के चालक मिथुन कुमार रजक और इएमटी सिकंदर कुमार के नेतृत्व में हजारीबाग सदर अस्पताल में भेज कर एडमिट करवा दिया गया। मृतक में सिमरिया थाना क्षेत्र के पुंडरा गांव निवासी संतोष पांडेय पिता स्व. कालीचरण पाण्डेय उम्र लगभग 40 वर्ष है। वहीं मृतक की पत्नी की स्थिति ठीक है। साथ हीं लावालौंग थाना क्षेत्र के जोजवारी गांव निवासी आशीष तुरी पिता अर्जुन तुरी और आशीष तुरी की मां सानो देवी पति अर्जुन तुरी गंभीर रूप से घायल होने के कारण रांची रिम्स में इलाज जारी है। जानकारी के अनुशार मृतक संतोष पांडेय और उनकी पत्नी हजारीबाग की ओर से एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आ रही थे।वहीं दूसरी तरफ आशीष तुरी मां सानो देवी के साथ एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर हुरनाली की ओर अपने रिश्तेदार के यहां जा रहे थे। दोनों मोटरसाइकिल चालक टूटीलावा स्कूल के समीप पहुंचते हीं एक वाहन से साइड लेने में आमने सामने जोरदार भिड़ंत हो गया जिससे संतोष पांडेय की मौके पर हीं मौत हो गई और बाकी सभी बुरी तरह घायल हो गए। दोनों मोटरसाइकिल का परखचा उड़ गया है। हालांकि संतोष पांडेय का अपने पैतृक गांव पुडरा में अग्नि संस्कार शुक्रवार देर शाम 4 बजे कर दी गई है। वहीं दोनों मां और पुत्र को रांची में इलाज जारी है। इधर एम्बुलेंस चालक मिथुन कुमार रजक और ई एमटी सिकंदर ने बताया कि आशीष तुरी की भी मौत हो जाती किंतु रास्ते में उसे पंप करना पड़ा तब जाकर वापस हृदय गति चलना शुरू हो गया।वहीं मिथुन और सिकंदर का कहना है कि पुलिस और पब्लिक द्वारा मृतक शरीर और घायल शरीर को एक हीं वाहन में रख दिया जाता है ।जिसका नतीजा है कि घायल व्यक्ति मृतक व्यक्ति को देखकर उसका हार्ट अटैक कर जाता है। दोनों ने पुलिस और पब्लिक से अनुरोध किया है कि एंबुलेंस में घायल व्यक्ति और मृतक व्यक्ति को एक साथ कहीं ना ले जाने दिया जाय । चुकी मृत शरीर देख कर घायल व्यक्ति का भी हार्ट पर प्रभाव पड़ने से मौत का शिकार हो सकता है। आपको बता दें कि लावालौंग के आशीष तुरी अपाची मोटरसाइकिल में था जो बहुत तेज गति में चला रहा था। सावधानी हटी दुर्घटना घटी सड़क पर लोग सावधानी से वाहन चलावे जिंदगी बहुत हीं अनमोल है।जो जाएगा सो पुनः वापस नहीं आएगा। अब कुछ यही पर छूट जाएगा।


