
रांची । नगर निगम ने मंगलवार को शहर में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाते हुए विभिन्न नियम उल्लंघनों पर कुल 3,95,100 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया। यह कार्रवाई झारखंड नगरपालिका अधिनियमए 2011 के प्रावधानों के तहत की गई।
प्रशासक सुशांत गौरव के निर्देशानुसार यह विशेष अभियान अपर प्रशासक संजय कुमार के नेतृत्व में संचालित किया गया, जिसमें निगम के सभी वरीय पदाधिकारी फील्ड में उतरे और शहर के 10 प्रमुख मार्गों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। अभियान का उद्देश्य शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा नवगठित डेडिकेटेड रोड मैनेजमेंट टीम की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना था। शहर की 10 प्रमुख सड़कों को सुव्यवस्थित, अतिक्रमण मुक्त एवं स्वच्छ बनाए रखने के लिए डीआरएमटी का गठन किया गया है। प्रत्येक मार्ग के साथ एक वरीय पदाधिकारी को टैग किया गया है जो संबंधित टीम के साथ नियमित मॉनिटरिंग एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।अपर प्रशासक संजय कुमार के नेतृत्व में टीम ए ने शहीद चौक, अपर बाजार, पुरुलिया रोड सदर अस्पताल डेली मार्केट से मेन रोड तक निरीक्षण किया। वहीं उप प्रशासक गौतम प्रसाद साहू की टीम ने नागा बाबा वेजिटेबल मार्केट से रातू रोड तक और उप प्रशासक रविंद्र कुमार की टीम ने अरगोड़ा से सहजानंद चौक होते हुए बायपास रोड तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सहायक प्रशासकों ने भी विभिन्न रूटों पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता व्यवस्था, सड़क एवं फुटपाथ अतिक्रमण, सार्वजनिक स्थलों पर डस्टबिन की उपलब्धता, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (c&d वेस्ट) का निष्पादन, अवैध वेंडिंग, अवैध पार्किंग, सिंगलयूज प्लास्टिक का उपयोग, नालियों एवं सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, अवैध होर्डिंग एवं पोस्टर, तथा ट्रेड लाइसेंस से संबंधित मानकों की जांच की गई।सभी टीम द्वारा कुल 3,95,100 लाख रुपए का चालान झारखण्ड नगरपालिका अधिनियम 2011 के अंतर्गत काटा गया। जिसमेंः, अतिक्रमण परः 1,09,900 रुपए
डस्टबिन न रहने पर: 50,000 रुपए
सिंगल यूज प्लास्टिकः 2700 रुपए
सीएनडी वेस्ट: 17500 रुपए
गंदगी फैलाने परः 36,900 रुपए
खुले में पेशाब करने परः 100 रुपए
अवैध विज्ञापन: 1,27,000 रुपए
नो पार्किंग: 1000 रुपए
ट्रेड लाइसेंस: 50,000 रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
अपर प्रशासक संजय कुमार ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वच्छत्ता मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।


