
रांची। मंगलवार को झारखण्ड में बजट सत्र के दौरान हेमंत सरकार ने झारखंड विधानसभा के सदन सत्र में बजट पेश किया। इस दौरान राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि यह बजट समाज के कमजोर वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने विधानसभा में 2026-27 वित्त वर्ष के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार ने 2025-26 में 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।
विधानसभा में बजट पेश करते हुए राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मैं सदन के पटल पर 2026-27 वित्त वर्ष के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत करता हूं। यह बजट गरीबों, किसानों, आदिवासियों और महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करेगा। बता दें कि हेमंत सरकार ने 2024 के आखिरी में सत्ता में वापसी के बाद 205-26 में 1.45 लाख करोड़ का बजट पेश किया था, जिसे ‘अबुआ बजट’ नाम दिया गया था। उस बजट को भी वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रस्तुत किया था, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया था।राज्य का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने बजट प्रस्तुति के दौरान बताया कि केंद्रीय योजनाओं के कारण राज्य पर वित्तीय बोझ बढ़ा है और केंद्र सरकार की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। राज्य को अब तक केवल 5 हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि केंद्र से 11 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई है। साथ ही, जीएसटी व्यवस्था के कारण राज्य को लगभग 4 हजार करोड़ रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ा है। इस बजट सत्र में सभी का ख्याल रखा गया है।


