पूर्णिया । झारखंड के चाईबासा निवासी और वर्तमान में पूर्णिया जिले के अमौर थाना में तैनात हवलदार आलमनाथ भूइयां (55 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। गोली उनकी सर्विस राइफल से चली और गले के आर-पार निकल गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी उस समय मिली, जब पुलिस कैंटीन का कर्मचारी रोज की तरह सुबह नाश्ता लेकर हवलदार के कमरे पर पहुंचा। कमरे का दरवाजा खुला देखकर वह अंदर गया, जहां हवलदार का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। यह देख उसने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद अमौर थानाध्यक्ष अवधेश कुमार, बायसी एसडीपीओ जितेंद्र कुमार पांडे, रौटा थानाध्यक्ष समेत कई पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव के पास से हवलदार की सर्विस राइफल और चला हुआ कारतूस का खोखा बरामद किया। इसके बाद घटनास्थल को सील कर दिया गया और फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हवलदार आलमनाथ भूइयां की पोस्टिंग करीब पांच महीने पहले ही अमौर थाना में हुई थी। कुछ समय पहले उनकी पत्नी बीमारी के कारण अपने मायके चली गई थीं। बताया गया है कि घटना वाले दिन सुबह करीब आठ बजे हवलदार ने अपनी पत्नी से फोन पर सामान्य बातचीत भी की थी। बायसी एसडीपीओ जितेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर गहराई से छानबीन की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और वे पूर्णिया के लिए रवाना हो चुके हैं।

इस घटना से अमौर थाना परिसर में शोक का माहौल है। साथी पुलिसकर्मी भी इस घटना से काफी दुखी और स्तब्ध हैं। पुलिस प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द सच्चाई सामने लाने की बात कह रहा है।

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