परवेज़ कुरैशी

रांची। धुर्वा थाना क्षेत्र के भगवान् जगन्नाथ मंदिर के नजदीक मौसी बड़ी खटाल मल्लार कोचा से 2 जनवरी 2026 को सुनील यादव- मां नीतू के दो मासूम बच्चे अंश करीब पांच साल और अंशिका की उम्र करीब चार साल है, अब तक किसी को कुछ पता नहीं चल सका है और पुलिस के हाथ पिछले दस दिनों से खाली है । वहीं रांची पुलिस ने दोनों बच्चों को सकुशल बरामद करने और उसकी जानकारी देने की ईनाम की राशि 51000 से बढ़कर ₹ दो लाख रुपये कर दिया है। वहीं देश भर के करीब 17130 थानों को सूचित किया गया है कि बच्चे की सूचना देने में रांची पुलिस की मदद करें। वही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर एसआईटी भी गठित की गई है और कई एनजीओ से भी मदद ली जा रही है , पत्रकारों से भी कहा गया है कि वे भी अपने तरीके से बच्चे को सकुशल बरामद कराने में मदद करें । रांची पुलिस विभिन्न जगहों पर छापेमारी अभियान चला रही है और मौसी बड़ी खटाल में भी कई लोगों को पुलिस पूछताछ के लिए समय-समय पर उठा भी रही है । हालांकि अब तक पुलिस को किसी तरह का सुराग नहीं मिला है।

मनेर के है रहने वाले

बता दे की गुमशुदा बच्चे अंश व अंशिका दोनों अपनी मां नीतू के साथ हल्दी छापर बिहार पटना के मनेर में रह रहे थे , वहीं उसके पिता सुनील यादव आज से करीब 2 साल पहले ही पटना के मनेर में नाव चलाने का काम छोड़कर रांची के इसी मल्लार कोचा मौसी बाड़ी खटाल में आ गए थे और यहीं पर रह रहे थे। इसके बाद पिछले होली के समय अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को भी रांची बुला लिये । अभी 1 साल भी बच्चों का यहां पर नहीं हुआ और इतनी बड़ी घटना घट चुकी है। हालांकि पुलिस हर तरह से प्रयासरत है, सोशल मीडिया, अखबार, पोस्टरबाजी हर तरह से की बच्चे सकुशल बरामद कराने के लिए लगे हुए हैं
संदेह की बिन्दु
अब तक जो संदेह लग रहा है कि आपसी रंजिश, पुरानी दुश्मनी, प्रेमप्रसंग, गुलगुलिया की टीम , जीसका बच्चे नहीं है और उसे ये बच्चे मिल गये हो शालिवाहन बाजार के पास, बच्चे चोर गिरोह उठाकर बेच दिया हो, बह रुपिया शामिल हो, सड़क पर दुर्घटना हुई हो और उसे उठाकर किसी अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है, या बच्चे चोरी के बाद सोशल साइट्स पर खबरे चलने के बाद चोर अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं यह भी एक डर बना रहता है, पुलिस प्रशासन ऐसे मामले में शुरुआत में थाना स्तर से लापरवाही होने से वरीय पुलिस पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ जाती है, इसलिए तुरंत घटने की जानकारी वरीय पुलिस पदाधिकारियों को देनी चाहिए ताकि सीमावर्ती क्षेत्र सील किया जा सके, हलांकि इस घटना से पहले कुछ बच्चों को रांची पुलिस सकुशल बरामद करने में सफल रही है, इसमें भी सफलता की उम्मीद है सिर्फ राजनीति नहीं होनी चाहिए। वहीं प्रभात मंत्र अखबार भी अपने तरीके से खोजबीन में लगी हुई है, उम्मीद जताई जा रही है कि 14 से 16 जनवरी 2026 के बीच पुलिस को जरुर सफलता मिलेगी और बच्चा जरूर सकुशल बरामद होंगे ।
सीसीटीवी कैमरे की जरूरत

यहां पर सीसी टीवी कैमरे नहीं है, लेकिन मुख्य मार्ग शालीमार बाजार के आसपास कैमरे तो हैं, लेकिन कारगर कितना है यह अपने आप में एक सवाल है। खटाल का हर घर, कई जगह गड्ढे हैं और कई ऐसे घर है जो बंद पड़े हुए हैं तो इन सब को देखते हुए पुलिस को खोजबीन करनी चाहिए। वहीं धुर्वा थाना प्रभारी विमल किंडो ने एफआईआर के तुरंत संज्ञान नहीं लिये और न ही वरीय पुलिस पदाधिकारियों को सूचना दिये इसलिए इस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए,प्रसाशन ऐसे सभी बस्ती है, गली मुहल्ला, मुख्य मार्ग, चौक चौराहा, मोड़, रिंग रोड है या ऐसा मार्ग जहां से आने और जाने का साधन है तो वहां पर अच्छे क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत है और जिस पर लगातार मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था ताकि हर तरह के अपराध को रोका जा सके।

अपर पुलिस महानिदेशक ने की बैठक

मनोज कौशिक, अपर पुलिस महानिदेशक, दछो प्रक्षेत्र, राँची की अध्यक्षता में धुर्वा थाना कांड सं0 01/26 03, 01.2026 धारा 137 (2) बीएन एस के उद्भेदन हेतु गठित विशेष टीम के पदाधिकारियों के साथ गहन समीक्षा बैठक वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन , राँची के गोपनीय कार्यालय में की गयी। उक्त बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण प्रवीण पुष्कर, पुलिस अधीक्षक, नगर पारस राणा एवं पुलिस अधीक्षक, यातायात राकेश सिंह, राँची सहित विशेष टीम के व डीएसपी उपस्थित थे। उक्त समीक्षा बैठक में धुर्वा थाना कांड सं0-01/26 में व्यपहृत बालक अंश कुमार एवं अंशिका कुमारी की बरामदगी के संदर्भ में विभिन्न पहलुओं पर समीक्षा की गयी। उक्त कांड में अबतक पुलिस की ओर से की गयी कार्रवाई तदुपरांत अग्रतर कार्ययोजना के संबंध में परिचर्चा की गयी। अपर पुलिस महानिदेशक, द०छो० प्रक्षेत्र, राँची द्वारा विशेष टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारियों को विभिन्न विन्दुओं पर अनुपालन हेतु आवश्यक निर्देश दिया गया। उल्लेखनीय है कि 12.01.26 को ही पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, एवं पुलिस अधीक्षक, यातायात, राँची के द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में “नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी” द्वारा संचालित “बचपन बचाओ आंदोलन” संगठन सहित “एवीए फाउंडेशन” के स्टेट को-ऑर्डिनेटर, ब्रजेश मिश्रा, चाईल्ड वेलफेयर एक्टिविस्ट राहुल मेहता, छोटानागपुर सांस्कृतिक संगठन की सच्ची कुमारी एवं अन्य के साथ पैन इंडिया स्तर पर कुल 20 राज्यों में 439 जिलों के एनजीओ के कार्यकत्ताओं एवं चाईल्ड वेलफेयर एक्टिविस्ट के साथ मिलकर धुर्वा क्षेत्र से लापता हुए बच्चे- अंश एवं अंशिका के खोजबीन एवं बरामदगी हेतु व्यापक स्तर पर किये गये कार्यों के संबंध में विचार-विमर्श किया गया तथा सभी संगठनों से अपने-अपने क्षेत्रों में एनजीओ कार्यकर्ताओं की मदद से गुम हुए उपरोक्त बच्चों की बरामदगी हेतु राँची पुलिस की सहायता हेतु अपील की गयी।

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