
रांची । राज्य में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत होने के बावजूद नगर निकाय चुनाव होंगे. नगर निकाय चुनाव को लेकर आज गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने उच्चस्तरीय बैठक की. जिसमें राज्य के गृह सचिव, डीजीपी, नगर विकास सचिव और सभी जिलों के डीसी-एसपी उपस्थित थे. वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए हुई इस बैठक में निर्वाचन से जुड़े सभी तैयारियों की समीक्षा की गई. इस दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कुछ जिलों द्वारा अब तक रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर नाराजगी जताते हुए जल्द रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया. बैठक में गोड्डा, दुमका और सरायकेला-खरसावां से मतपेटिका की आवश्यकता, उपलब्धता और मरम्मत से संबंधित तैयारी की रिपोर्ट और अप्राप्त होने पर नाराजगी जताई गई. बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग से निर्वाचन हेतु आवश्यक राशि का आकलन करते हुए जिलों को व्यय राशि की मांग करने के निर्देश दिए गए. वहीं मतदान केंद्रों पर विधि व्यवस्था के लिए सुरक्षा बलों की आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन करने हेतु आवश्यकतानुसार सुरक्षा बलों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया. राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई. लगभग तैयारियां पूरी हो गई हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एसआईआर का कोई प्रभाव नगर निकाय चुनाव पर नहीं पड़ेगा. नगर निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचनकर्मियों, निर्वाची पदाधिकारी, पर्यवेक्षक और अन्य कर्मियों का प्रशिक्षण इसी महीने संपन्न करा लिया जाएगा. ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने कहा कि चुनाव की घोषणा से पहले निर्वाचन कर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कर लिया जाएगा और जल्द ही चुनाव की घोषणा की जाएगी. एक सवाल के जवाब में आयोग के सचिव ने कहा कि मेयर और अध्यक्ष के आरक्षण को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा और इसे सार्वजनिक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आयोग के निर्णय पर इस संबंध में आपत्ति दर्ज करने के लिए कोई समय दिए जाने का प्रावधान नहीं है. बहरहाल, राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव कराने के लिए आयोग की तत्परता से यह साफ है कि इस बार कोई तकनीकी अड़चन यदि नहीं आए तो चुनाव मार्च से पहले संपन्न करा लिया जाएगा.
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