हैदरनगर, (पलामू) : जल जीवन मिशन के तहत जल स्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के बड़े-बड़े सरकारी दावों के बीच जमीनी हकीकत तस्वीर से उलट नज़र आ रही है। प्रखंड के हैदर नगर पूर्वी पंचायत स्थित कुम्हार टोला का पोखरा आज भी उपेक्षा का शिकार है और सुंदरीकरण की दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह ऐतिहासिक पोखरा पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बन सकता है। पोखरा के ठीक बगल में प्रसिद्ध देवी धाम स्थित है, जहाँ प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अगर पोखरा के चारों ओर सीढ़ीनुमा घाटों का निर्माण किया जाए, पेड़-पौधों और बेंचों की व्यवस्था की जाए, साथ ही नियमित साफ-सफाई हो, तो यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
वर्षा के बाद वर्तमान में पोखरा पानी से भरा हुआ है, जो आसपास के इलाके के भू-जल स्तर को बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है। लेकिन रख-रखाव की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह पोखरा कूड़े-करकट की भेंट चढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोग स्वयं इसमें कचरा डालकर इसे प्रदूषित करने में भी पीछे नहीं हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि एक ओर सरकार नए तालाब खुदवाने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर पहले से मौजूद जल स्रोतों की उपेक्षा की जा रही है। समय रहते इस पोखरा के सौंदर्यीकरण और संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, अन्यथा यह महत्वपूर्ण जल स्रोत पूरी तरह नष्ट हो सकता है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल  सर्वे कराकर इस पोखरा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है।

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