
बारियातु : प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बारियातू में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वाधान में दिनांक 3 दिसंबर 2025 दिन बुधवार को भव्य तरीके से सप्तशक्ति संगम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता उषा देवी पूर्व प्रधानाचार्य आश्रम विद्यालय सिसई गुमला गीता देवी आचार्या शिशु विद्या मंदिर लातेहार जिला संयोजिका लातेहार उर्मिला देवी प्रखंड प्रमुख बारीयातू वीणा देवी आचार्या सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बारियातू द्वारा मां शारदे ओउम् भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया ।कार्यक्रम में कुल 151 महिलाएं 50 पूर्व छात्रा।विद्यालय के दीदी जी ने अपने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए आचार्या वीणा देवी ने कहा कि सप्तशक्ति संगम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के अंदर आत्मविश्वास एवं सशक्तिकरण की भावना जागृत करना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर महिलाओं के अंदर सप्तशक्ति को जागृत करने के लिए सप्तशक्ति संगम का आयोजन किया गया है ।कीर्ति, श्री, वाक्, स्मृति, मेधा, धृति, क्षमा यें सात शक्ति महिलाओं के अंदर विद्यमान है। ऐसा भगवान श्री कृष्ण ने गीता उपदेश में बताया है। यह सात शक्ति भागवत गीता के दसवें अध्याय के 34 में श्लोक में वर्णित है। मुख्य वक्ता पूर्व प्रधानाचार्य उषा देवी जी ने सप्तशक्ति संगम में अपने विषय को रखते हुए कहा कि पश्चिमी सभ्यता देश में आने के कारण घर से संयुक्त परिवार में बिखराव हो रहा है। तुलसी पौधा से संयुक्त परिवार की एकता का विकास होता है। घरों की पहचान हमारी परंपरा से होती है इसलिए हमारा घर भारतीय सभ्यता के अनुसार हो ।हमारी भाषा भारतीय हो। भाषा मां की दर्पण होती है। भारत में रहते हुए अपनी भाषा का प्रयोग भारतीय संस्कृति के अनुरूप होना चाहिए। मातृभाषा में संस्कार सभ्यता की झलक दिखती है ।हमारे घरों में वेशभूषा आभूषण व्यंजन मनोरंजन भारतीय हो। परिवारों को सुरक्षित रखने से राष्ट्र का निर्माण होता है। गीता देवी जी ने अपना विषय रखते हुए कहा कि अपने बच्चों को समान रूप से संस्कार देने की आवश्यकता है। सभी युगों में महिलाओं का त्याग सर्वोत्तम है ।जन्मदिन विवाह आदि के समारोह का आयोजन भारतीय परंपरा के अनुसार हो। समाज में लोकगीतों का बढ़ावा हो ।शादी विवाह कार्यक्रम में भोजन बैठ कर करने से भोजन की बर्बादी को रोका जा सकता है। दहेज प्रथा को समाप्त कर आदर्श समाज का निर्माण करना चाहिए। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रखंड प्रमुख श्रीमती उर्मिला देवी ने कहा कि इस कार्यक्रम से हम सभी को सीख लेनी चाहिए। सप्तशक्ती संगम में जितने भी बातें बताई गई इससे समाज में परिवर्तन हो सकता है। यह बहुत ही अच्छा पहल है। इससे महिलाओं के अंदर जागृति आ सकती है। सप्तशक्ति संगम में प्रश्नोत्तरी एवं विशिष्ट माता को सम्मानित भी की गई। मंच संचालन सुनाली दीदी एवं अतिथि परिचय किरण दीदी जी आभार ज्ञापन वंदना दीदी एवं सभी माताओं का संकल्प सपना दीदी जी कराई । सप्तशक्ति संगम को सफल बनाने में विद्यालय समिति के माननीय अध्यक्ष एवं सचिव तथा सभी सदस्य गण, आचार्य जी दीदी जी एवं सभी माताओं एवं बहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस संगम में विभाग संघचालक पलामू माननीय जानकी नंदन राणा एवं विभाग निरीक्षक पलामू अखिलेश कुमार जी का गरिमामय उपस्थिति रही।


