रांची। भारत सरकार के जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र पोर्टल की नकल कर फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने वाले वेबसाइटों से नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
यह प्रशासन के संज्ञान में आया है कि पिछले कुछ समय से देशभर में कई फर्जी एवं अनधिकृत वेबसाइटों द्वारा भारत सरकार के आधिकारिक जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र पोर्टल की नकल कर नागरिकों को भ्रमित किया जा रहा है। इन वेबसाइटों के माध्यम से नागरिकों से पैसे वसूले जा रहे हैं तथा अवैध और नकली जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं, जिनकी कोई वैधानिक मान्यता नहीं है।इन वेबसाइटों का भारत सरकार, राज्य सरकार या किसी भी नगर निगम/नगर परिषद/पंचायत कार्यालय से कोई संबंध नहीं है। नागरिकों को अवगत कराया जाता है कि इन वेबसाइटों का उपयोग करना गंभीर साइबर धोखाधड़ी का हिस्सा हो सकता है।

अनधिकृत एवं फर्जी वेबसाइटों की सूची (उदाहरण):


  • crsorgi.gov.in.jhgrow.org

crsorgi.gov.in.jhgrow.org/login.php

dc.crsorgi.gov.in.web.index.php.viewcert.co.in/login.php

crsorgi.goovi.in/login.php

crsorgi.gov.in.web.lndex.click/index.php

crsorgigoovi.xyz/web/index.php/auth/login.php

dc-crsorgi-gov-in.gov-crs.info/general-public

dc.crsorgi.gov.in.arbajft.in/crs/home/

dc.crsorgi.gov.in.index.view.certificate.mehbulps.shop/login.php

crsorgi.gov.in.web.index.birthcetficate.co/dr_login.php

crsorgidc.co.in

crsorgi.gov.in.web.index.php.auth.birthcetficate.co/web/index.php/auth/logyes.php

(उपरोक्त सूची केवल उदाहरणार्थ है। भविष्य में ऐसे और भी डोमेन सामने आ सकते हैं। नागरिक स्वयं सतर्क रहें।)

✔ भारत सरकार का आधिकारिक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण पोर्टल:

👉 https://dc.crsorgi.gov.in/

इसी पोर्टल के माध्यम से पूरे देश में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।

🔍 प्रमाणपत्र की सत्यता कैसे जांचें?

किसी भी जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र को वैध मानने से पहले निम्न जाँच करें:

प्रमाणपत्र पर उपलब्ध QR कोड को स्कैन करें।

QR कोड स्कैन करने के बाद यदि वेबसाइट https://dc.crsorgi.gov.in/
पर रीडायरेक्ट होती है, तभी प्रमाणपत्र वैध माना जाएगा।

यदि QR स्कैन करने पर कोई अन्य वेबसाइट खुलती है, पेज एरर आता है या कोई लिंक नहीं खुलता है, तो वह प्रमाणपत्र नकली माना जाएगा।

⚠ फर्जी प्रमाणपत्र का उपयोग करना अपराध है

नकली प्रमाणपत्र बनाना या प्रस्तुत करना भारतीय दंड संहिता (IPC), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) एवं अन्य लागू कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है। इसके लिए:

कानूनी कार्रवाई, , प्रमाणपत्र निरस्तीकरण,

एवं आर्थिक दंड लागू किए जा सकते हैं।

प्रशासक द्वारा नागरिकों से अपील

सभी नागरिकों से अनुरोध है कि:

किसी भी अनजानी वेबसाइट पर व्यक्तिगत विवरण, आधार विवरण, मोबाइल नंबर, OTP या भुगतान न करें।

यदि कोई व्यक्ति या संस्था जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पैसे मांगती है या सरकारी वेबसाइट की जगह निजी लिंक देती है, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय नगर निगम/जिला प्रशासन/पुलिस को दें।

साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं।

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