हुसैनाबाद : अनुमंडलीय अस्पताल हुसैनाबाद परिसर में पोस्टमार्टम हाउस के पास बायोमेडिकल कचरा बिखरा मिलने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।अस्पताल प्रशासन द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर अनुमंडल पदाधिकारी असंतुष्ट नजर आए हैं। एसडीओ ने इस मामले में पुनः अस्पताल के उपाधीक्षक सह प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से विस्तृत और तथ्यात्मक जवाब तलब किया है। अस्पताल की ओर से पहले दिए गए स्पष्टीकरण में दावा किया गया था कि बायोमेडिकल कचरे के लिए तीन अलग-अलग रंगों के कमरे बनाए गए थे,जिन्हें अज्ञात लोगों द्वारा तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया गया। टूटा दरवाजा और बारिश के कारण जानवरों द्वारा कचरे के बिखरने की बात भी अस्पताल ने अपने पत्र में कही थी।हालांकि एसडीओ ने इस जवाब को अधूरा बताया है और तीन प्रमुख सवाल उठाए हैं कि क्या अस्पताल परिसर में बायोमेडिकल कचरे के लिए पर्याप्त संख्या में कुड़ेदान उपलब्ध नहीं हैं?बारिश को बाधा बताकर कचरे को खुले में छोड़ने की मजबूरी कैसे उचित ठहराई जा सकती है?कचरा निपटान और सुधार कार्य के लिए अस्पताल प्रशासन ने कोई स्पष्ट समयावधि क्यों नहीं दी।एसडीओ ने कहा कि अस्पताल का उत्तर न तो जिम्मेदारी स्पष्ट करता है और न ही भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने की ठोस योजना दर्शाता है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से पुनः स्पष्ट, तथ्याधारित और समयसीमा सहित जवाब देने का निर्देश दिया है। इस घटनाक्रम से अस्पताल प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब यह देखना होगा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने संशोधित स्पष्टीकरण में क्या नया पक्ष रखते हैं और क्या एसडीओ इस मामले में कार्रवाई की ओर बढ़ते हैं। बताया जा रहा है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो अस्पताल प्रबंधन पर प्रशासनिक कार्रवाई तय मानी जा रही है।अस्पताल परिसर में बायोमेडिकल कचरे का खुले में बिखरा मिलना स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में भी रोष व्याप्त है। प्रशासन और अस्पताल—दोनों पर स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।

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