मेदिनीनगर ।‌15 नवंबर 2025 को एम.के डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल डालटेनगंज में धरती आबा, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती ‘ जनजातीय गौरव दिवस ‘ के रूप में मनाई गई । कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती इंद्राणी चटर्जी ने भगवान बिरसा मुंडा जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन किया। प्रार्थना सभा बिरसा मुंडा जी के जीवन पर आधारित एवं समर्पित थी। कक्षा छठी ब के छात्र श्रेयांस ने प्रश्नोत्तरी एवं आराध्या सोनी तथा सौम्या पांडे ने भाषण के माध्यम से श्री बिरसा मुंडा जी के जीवन पर प्रकाश डाला। जनजातीय गौरव पखवाड़ा के अंतर्गत अनेक कार्यक्रम आदिवासी नृत्य, स्वतंत्रता संग्राम के आदिवासी नायक,रेत पर उकेरा गया भगवान बिरसा मुंडा का चित्र, सोहराइ भित्ति चित्र लेखन, जनजातीय योगदान पर सेमिनार, निबंध लेखन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस अवसर पर स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासी योगदान को रेखांकित करते हुए एक नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया। इसका निर्देशन शिक्षक श्री विद्या वैभव भारद्वाज एवं श्री कन्हैया राय ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती इंद्राणी चटर्जी ने छात्रों को उद्बोधित करते हुए कहा कि आदिवासी उत्थान एवं आंदोलन में बिरसा मुंडा जी का अतुलनीय योगदान रहा है। यही कारण है कि उन्हें ‘धरती आबा’ एवं ‘ भगवान बिरसा मुंडा’ के नाम से जाना जाता है। अपने 25 वर्षों के लघु – जीवन में उन्होंने समयातीत सफलता प्राप्त की। झारखंड के उली हातू की पवित्र धरती पर जन्मे बिरसा मुंडा जी तेज दिमाग और अपनी जमीन से बेहद प्यार करने वाले, बेजोड़ नायक थे। साहसी एवं निर्भीक स्वभाव के साथ जब उन्होंने उलगुलान का नारा दिया, तब आदिवासी समाज, नौजवानों में नई ऊर्जा का संचार हुआ और अंग्रेजी साम्राज्य की चूले हिल गई। हमें उनकी विरासत को आगे बढ़ाना है । अपनी ऊर्जा एवं चिंतन का पूर्ण उपयोग करते हुए आदिवासी समाज झारखंड एवं राष्ट्र को आगे बढ़ाना है। यही भगवान बिरसा मुंडा जी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक श्री सी.एस. पांडे, श्री नीरज श्रीवास्तव, श्री ऐ.के. पांडे, श्री कन्हैया राय एवम सभी शिक्षक मौजूद थे।कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका श्रीमती मौसमी घोष ने किया।

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