
बरकाकाना-बरवाडीह रेल खण्ड पर रेल परिचालन हुआ ठप
मासुम अंसारी/पिपरवार
पिपरवार :कोयलांचल क्षेत्र के राय रेलवे स्टेशन मे कुड़मी समाज के द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रेल टेका डहर छेका आंदोलन की शुरुआत की गई।इस दौरान कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में पुनः शामिल करने की मांग को लेकर राय रेलवे स्टेशन मे कुड़मी समाज के लोगो का जन सैलाब देखा गया।विभिन्न गांव के महिला पुरुष जुलूस की शक्ल में राय रेलवे स्टेशन पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए रेलवे लाइन पर शांतिपूर्ण तरीके से बैठकर अपना विरोध प्रदर्शन किया।इस दौरान बरकाकाना-बरवाडीह रेल खण्ड पर ट्रेन व मालगाड़ियों का परिचालन पूरी तरह से बंद हो गया है। कई स्टेशन में यात्री ट्रेनों के अलावा एक्सप्रेस ट्रेन खड़ी है,जिसके कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।वही आंदोलन को देखते हुए राय स्टेशन मे भारी संख्या में सुरक्षा बलो की तैनाती की गई है।खलारी डीएसपी रामनारायण चौधरी, अंचलाधिकारी प्रणव अम्बष्ट, थाना प्रभारी जयदीप टोप्पो सहित कई पुलिस पदाधिकारी स्टेशन परिसर में सुरक्षा की कमान संभाले हुए हैं।जानकारी के मुताबिक सुबह 4:00 से आंदोलन की शुरुआत की गई और जैसे-जैसे समय बीता वैसे-वैसे लोगों का जन सैलाब राय रेलवे स्टेशन में उमड़ा पड़ा।कुड़मी समाज के लोगों ने बताया कि आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा अपनी सदियों पुरानी एवं न्यायपूर्ण मांगों को लेकर रेल टेका डहर छेका आंदोलन की जा रही है।राय रेलवे स्टेशन में यह आंदोलन अनिश्चितकालीन है।इस आंदोलन में हजारीबाग, रांची, चतरा सहित विभिन्न जिलों और प्रखंडों से भारी संख्या में कुड़मी समाज के लोग एकजुट होकर शामिल हुए।कुड़मी समाज की मुख्य मांगो मे कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने, कुड़माली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में दर्ज करने,कुड़मी समाज का मानना है कि इन मांगों की पूर्ति से न केवल समुदाय के अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा होगी बल्कि सामाजिक न्याय,सांस्कृतिक पहचान और संवैधानिक अधिकार भी सुनिश्चित होंगे।वक्ताओं ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती है तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इससे पूर्व समाज के द्वारा केंद्रीय कमेटी के निर्देश पर 25 सूत्री गाइडलाइन भी जारी किया गया था,जिसके तहत समाज के सभी लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई थी।इधर आंदोलन को देखते हुए रेलवे विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने समाज के लोगों से वार्ता भी किया,लेकिन आंदोलन कर रहे लोग अपनी मांगों पर पूरी तरह से अडिग रहा और आंदोलन जारी रखने की बात कही।


