
पलामू । पलामू बाल सुधार गृह में पॉक्सो के एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उसका शव वार्ड के अंदर गमछे से लटका मिला। पुलिस प्रथम दृष्ट्या इसे आत्महत्या मान रही है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना शुक्रवार को सामने आई, जब सुधार गृह में बंद अन्य बच्चों ने नाबालिग को फांसी पर लटका देखा। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लड़के को फंदे से उतारा और एमएमसीएच ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक गढ़वा के रंका इलाके का रहने वाला था और 8 जुलाई से पॉक्सो मामले में बाल सुधार गृह में बंद था। गढ़वा पुलिस ने उसे दुष्कर्म और पॉक्सो के आरोप में पकड़ा था, जिसके बाद उसे जुवेनाइल घोषित कर पलामू बाल सुधार गृह भेजा गया था। घटना की सूचना मिलते ही डीएलएसए की टीम, पलामू बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र चतुर्वेदी, जिला सामाजिक सुरक्षा सहायक निदेशक नीरज कुमार, टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी बाल सुधार गृह पहुंचे। थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। पलामू बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि पूरे मामले में मजिस्ट्रेट जांच की जाएगी। डीएलएसए के सेक्रेटरी राजेश रंजन ने भी मौके का मुआयना किया और घटना के कारणों की जांच का आश्वासन दिया। पलामू बाल सुधार गृह में पलामू, गढ़वा, लातेहार सहित कई अन्य जिलों के कुल 35 बच्चे बंद हैं। इधर, डीएलएसए के सेक्रेट्री राकेश रंजन भी बाल सुधार गृह पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लगातार हमलोग भी यहां पहुंच कर बच्चों को मोटिवेट करते हैं, लेकिन ये दुखद घटना है। इसकी जांच भी होनी चाहिए।


