हजारीबाग  झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सतीश कुमार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किराए पर ‘ममता वाहन’ चलाने वाले एक व्यक्ति का बिल भुगतान करने के एवज में घूस की मांग की थी. झारखंड में रिश्वतखोरी के मामलों में एक हफ्ते के भीतर यह तीसरी गिरफ्तारी है. बताया गया कि चौपारण के दादपुर गांव निवासी उज्जवल कुमार सिन्हा ने एसीबी की हजारीबाग इकाई को एक आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी. उज्जवल के अनुसार, उनके द्वारा चलाए जा रहे वाहन का तीन-चार महीने का बिल बकाया है, जिनकी कुल राशि करीब 25,000 रुपये बिल के भुगतान के लिए स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सतीश कुमार ने उनसे चार हजार रुपए मांगे थे. इसकी लिखित शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले की जांच की. मामला सही पाया गया. इसके बाद तय योजना के अनुसार, मंगलवार को उज्जवल ने जैसे ही सतीश कुमार को रिश्वत की रकम दी, टीम ने उन्हें मौके पर ही धर दबोचा. गिरफ्तार चिकित्सक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. एसीबी की टीम ने उनके आवास पर भी छापेमारी की. बताया जा रहा है कि आवास से नगदी बरामद की गई है. इसके पहले 26 जून को एंटी करप्शन ब्यूरो की अलग-अलग टीमों की कार्रवाई में लोहरदगा और धनबाद जिले में दो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था. लोहरदगा जिले में ग्रामीण विकास विभाग के विशेष प्रमंडल के कैशियर वरूण कुमार को आंगनबाड़ी जीर्णोद्धार के लिए एक ग्रामीण से चार हजार रुपए लेते हुए दबोचा गया था, जबकि धनबाद में भूमि सुधार उपसमाहर्ता कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर अनिश कुमार को एक रैयत से जमीन नामांतरण के नाम पर 15 हजार रुपए बतौर रिश्वत लेते पकड़ा गया था।

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