नई दिल्ली : केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक गंभीर भ्रष्टाचार के मामले में 2007 बैच के भारतीय राजस्व सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अमित कुमार सिंघल को 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. इसके साथ ही एक अन्य व्यक्ति हर्ष कोटक को भी पकड़ा गया है. इन दोनों के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है.आरोप है कि इन दोनों ने एक कारोबारी से 45 लाख रुपये की रिश्वत की मांगी थी. यह रिश्वत आयकर विभाग की ओर से किसी तरह की कार्रवाई को रोकने लिए मांगी गई थी. अमित कुमार सिंघल पेशे से आईआरएस अधिकारी है. वह वर्तमान में नई दिल्ली स्थित इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर तैनात हैं. वहीं दूसरा आरोपी बिचौलिया है, जिसने रिश्वत लेने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी.सीबीआई की शुरुआती जांच में सामने आया कि अमित कुमार सिंघल ने हर्ष कोटक की मदद से शिकायतकर्ता से कुल 45 लाख रुपये की मांग की थी. रिश्वत न देने की स्थिति में अमित कुमार सिंघल ने शिकायतकर्ता को कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना और उत्पीड़न की धमकी दी थी. अमित कुमार सिंघल ने हर्ष कोटक के माध्यम से पीड़ित से 45 लाख की रिश्वत मांगी थी. शुरुआत में 25 लाख टोकन अमाउंट देने पर सहमति हुई. हालांकि, इस दौरान ही सीबीआई ने अधिकारों को रंगे हाथों पकड़ लिया.केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और आरोपियों को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा. पहले तो शिकायतकर्ता की सूचना पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की. योजना के अनुसार, 25 लाख की डीलिंग की गई. उन्होंने बिचौलिया हर्ष कोटक को मोहाली में लोक सेवक के आवास पर शिकायतकर्ता से 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया था. इसके बाद मुख्य आरोपी अमित कुमार सिंघल को भी वसंत कुंज स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया।

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