रांची। इबोला वायरस को लेकर पूरी दुनिया सतर्क है. अफ्रीकी देशों में इसके बढ़ते मामलों के बीच भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर है. वहीं, झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं. राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विदेशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की टीम संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों पर विशेष नजर रख रही है और जांच के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी जा रही है. रांची सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि इबोला वायरस के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी शामिल हैं. इसके बाद मरीज को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हो सकती है. गंभीर स्थिति में शरीर के विभिन्न हिस्सों से रक्तस्राव भी शुरू हो सकता है. डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस की तुलना में इबोला कहीं अधिक घातक माना जाता है. उन्होंने कहा कि कोरोना से संक्रमित अधिकांश लोग स्वस्थ हो गए थे और उसकी मृत्यु दर अपेक्षाकृत कम थी, जबकि इबोला वायरस की मृत्यु दर कई प्रकोपों में 50 प्रतिशत या उससे अधिक दर्ज की गई है. यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे खतरनाक वायरसों में गिना जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि इबोला के लिए अभी तक कोई प्रभावी ईलाज उपलब्ध नहीं है. हालांकि, समय पर पहचान, आइसोलेशन और बेहतर चिकित्सकीय देखभाल से मरीजों की जान बचाई जा सकती है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, रांची सदर अस्पताल किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

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