
रांची। फॉरेस्ट ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन द्वारा पृथ्वी दिवस, 2026 के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सदस्यों, बच्चों एवं आमंत्रित अतिथियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात् विशाखा वर्मा द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने पृथ्वी दिवस के महत्व एवं सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अतिथियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया तथा अतिथि गणों द्वारा पृथ्वी दिवस विषय पर प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए गए। उन्होंने सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं व्यक्तिगत जिम्मेदारी के महत्व पर विशेष बल दिया।कार्यक्रम के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक सार्थक पहल रही। FOWA के सदस्यों द्वारा भी प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए, जिससे उपस्थित जनसमूह में जागरूकता एवं प्रेरणा का संचार हुआ।
बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कार वितरण किया गया जिसमें आदिवासी बालिका उच्च विद्यालय , रातु के 70 , महारानी प्रेम मंजरी बालिका उच्च विद्यालय की 49 तथा ASTVS जिला स्कूल के 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा सदस्यों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। इसके पश्चात् सभी प्रतिभागियों के साथ एक सामूहिक छायाचित्र लिया गया।
कार्यक्रम का समापन मीनू पांडियन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सामूहिक भोजन का आयोजन किया गया।इस अवसर पर FOWA की अध्यक्ष भारती कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जहां जीवन है, वहां पेड़-पौधे, जीव-जंतु और मनुष्य सभी का अस्तित्व जुड़ा हुआ है। इसलिए पृथ्वी की स्वच्छता एवं संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है, ऐसे में हम सभी को अपनी जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। हमें अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए तथा जल एवं विद्युत की बचत करनी चाहिए, जिससे न केवल हम सुरक्षित रहेंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियां भी सुरक्षित रहेंगी।”
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि FOWA द्वारा पूर्व में भी पर्यावरण जागरूकता हेतु अनेक कार्यक्रम संचालित किए गए हैं तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।


