
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। केसी घाट पर श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पंटून पुल से टकराकर यमुना नदी में पलट गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन मिलकर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया। गोताखोर यमुना के गहरे पानी में डूबे हुए लोगों की तलाश में जुटे हैं। इस दुर्घटना में नाव सवार करीब 25 से 30 श्रद्धालु यमुना के पानी में डूब गए। पुलिस की टीम ने गोताखोरों की मदद से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इनमें से एक श्रद्धालु को संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। दुखद रूप से, इस हादसे में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। डीआईजी शैलेश कुमार पांडे ने इसकी पुष्टि की है। वहीं बाकियों की तलाश जारी है।सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने बिना देर किए बचाव अभियान शुरू कर दिया। दुर्घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे बचाव कार्य में थोड़ी बाधा आ रही है। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और बचाव दल का सहयोग करने की अपील की है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पंजाब से आया था 150 लोगों का दल
जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि 150 लोगों का दल लुधियाना, पंजाब और मुक्तेश्वर से आया है और ये सभी उनमें ही शामिल थे। बताया गया है जिस नाव में लोग सवार थे वो भी पलट कर डूब गई है और उसकी तलाश भी जारी है। जिसकी यह नाव है वो प्राइवेट नाविक था।
सीएम योगी ने जताया दुख
हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए एक्स पर लिखा, जनपद मथुरा में नाव पलटने से हुई दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव व राहत कार्य संचालित करने और घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नदी में डूबे लोगों की तलाश के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा अचानक हुआ, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

