परवेज़ कुरैशी

रांची। रांची नगर निगम चुनाव की सरगर्मियां में तेज हो गई है। पूरे 53 वार्डों में तीन सौ से अधिक पार्षद उम्मीदवार और 11 मेयर पद के उम्मीदवार किस्मत आजमाने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। सभी अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को आकर्षित करने में जुटे हुए हैं , सब जीत के दावे कर रहे हैं।

त्रुटियों में सुधार की जरूरत

लेकिन रांची नगर निगम चुनाव को लेकर वार्डों में जो त्रुटियां देखने को मिल रही है, इससे राज्य निर्वाचन आयोग बहुत ज्यादा गंभीर नजर नहीं आ रही है। सर्वप्रथम देखने को मिल रहा है कि रांची नगर निगम के कई बूथ को इधर से उधर बदल दिया गया है। अब मतदाताओं इसकी जानकारी हो रही तो वह अपने पार्षद उम्मीदवार जो चुनावी मैदान में खड़े हैं, उसके दरवाजे पहुंच रहे हैं और अपने बूथ का जानकारी मांग रहे हैं। कई ऐसे वार्ड हैं जिसके मतदाताओं का नाम पूर्व में जिस वार्ड के मतदाता सूची में था, उस वार्ड के मतदाता सूची से उसका नाम हटाकर दूसरे वार्ड के मतदाता सूची में शामिल कर दिया है , जिसकी जानकारी मतदाताओं को नहीं है। कई मतदाता के पहचान पत्र में एमजीवाई सहित जो नंबर है, उस मतदाता सूची वाले मशीन से निकाला जा रहा है, तो उसमें एक नंबर पर दो व्यक्ति का नाम दिखाई दे रहा है। इसके अलावा कई मृत व्यक्तियों का नाम अब भी मतदाता सूची में शामिल है, जिसे हटाया नहीं गया है। कई बूथ ऐसे हैं जिसका नंबर दोनों बूथो केंद्र का एक जैसा है, जिस कारण से भी मतदाताओं को मतदान के दिन परेशानी हो सकती है। मतदाता के घर से मतदाता केंद्र काफी दूरी पर भी है, जिस कारण से मतदाता भी अपने बूथ तक पैदल पहुंचना है, उसके लिए मुश्किल है । जिला प्रशासन , निर्वाचन आयोग को चाहिए इन सब पर सुधार करना चाहिए ताकि 23 फरवरी के मतदान के दिन मतदाताओं को परेशान न होना पड़े। वोट प्रतिशत पहले से अधिक बढ़े प्रचार प्रसार पर जोर दिया जाए, ताकि मतदाता बढ़चढ़ कर हिस्सा ले और आसानी से अपने पसंदीदा मेयर – पार्षद उम्मीदवारों को को मतदान कर सके ।

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