
नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में देश का आम बजट 2026-27 पेश किया. उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में सरकार ने विकास, समावेशन और सामाजिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है. उन्होंने बेटियों का भविष्य सुनहरा और सुरक्षित बनाने के लिए हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा की है. अपने भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया. उन्होंने घोषणा की कि देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा, जिससे छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सके. यह कदम शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में सहायक माना जा रहा है. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं. सरकार एसटीईएम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) इंस्टीट्यूट स्थापित करेगी, जिससे युवाओं को आधुनिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिल सके. वित्त मंत्री ने घोषणा की कि, सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का प्रमुख इंजन बनाने के लिए ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ पर एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव है. इसका लक्ष्य 2047 तक सेवाओं में भारत की 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है. वित्त मंत्री ने कहा कि एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स के अलावा गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में तेजी के मद्देनजर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ स्थापित करने में सहायता का प्रस्ताव रखा गया है।


