
@Banty Kumar
कुंदा (चतरा):-कुंदा प्रखंड मुख्यालय से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित चर्चित ऐतिहासिक पिकनिक स्थल चुनहेट वॉटर फॉल के समीप बना रुखानी हॉल आज भी एक रहस्यमयी गुफा के रूप में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह गुफा अपने भीतर कई अनसुलझे रहस्यों को समेटे हुए है जो इसे और भी रोचक व आकर्षक बनाते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार रुखानी हॉल को लेकर कई लोककथाएं प्रचलित हैं।कुछ का मानना है कि यहां किसी राजा का छिपा हुआ खजाना मौजूद है जबकि कुछ लोग इसे राजा का गुप्त द्वार बताते हैं।वहीं बुजुर्ग लोगों का मानना यह भी है कि किसी साधु ने कुंदा किला की एक सुंदर नारी को चुराने के उद्देश्य से इस सुरंग का निर्माण कराया था हालांकि वह अपने प्रयास में असफल रहा। ऐसी अनेक कथाएं इस गुफा को आस्था,रहस्य और खोज का केंद्र बनाती हैं।रुखानी हॉल की ये रहस्यमयी कहानियां यहां आने वाले पर्यटकों को खासा आकर्षित करती हैं।हालांकि आज भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सच्चाई क्या है—क्या वास्तव में यहां राजा का खजाना छिपा है,यह कोई गुप्त मार्ग है या फिर किसी असफल प्रयास की निशानी। यही अनसुलझे सवाल इसे और भी रहस्यमय बनाते हैं।

कैसा है चुनहेट झरना
चुनहेट पिकनिक स्पॉट अपने प्राकृतिक सौंदर्य और मनोरम दृश्य के कारण लोगों को बरबस अपनी ओर खींच लेता है।अंग्रेजी नववर्ष के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में सैलानी प्राकृतिक वातावरण के बीच जश्न मनाने पहुंचते हैं।ऊंची-ऊंची चट्टानों से गिरता झरने का पानी जब चट्टानों से टकराता है तो उसका रूप और रंग बदलते हुए एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है।
नववर्ष की विदाई और आगमन के मौके पर सैलानी यहां पहुंचकर रोजमर्रा की चिंताओं से दूर वनभोज व पिकनिक का आनंद लेते हैं। हालांकि इतना आकर्षक होने के बावजूद चुनहेट वॉटर फॉल और रुखानी हॉल आज भी विकास की राह देख रहे हैं।यदि इसे सुनियोजित ढंग से विकसित किया जाए तो यह क्षेत्र एक प्रमुख और बेहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है।

