
पहाड़ के तराईयों से गिरती झरना,लोगो को खूब लुभाती है
@Banty Kumar
कुंदा(चतरा):-चतरा जिले के कुंदा प्रखंड मुख्यालय से महज पाँच किलोमीटर की दूरी पर स्थित चुनहेट झरना प्रकृति की अद्भुत छटा समेटे हुए है।पहाड़ों की तराइयों और ऊँची पहाड़ियों से गिरती जलधारा सैलानियों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करती है।हालाँकि अब तक इस स्थल पर न तो जिला प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों की विशेष नजर पड़ी है,फिर भी दूर-दराज से आने वाले सैलानी और स्थानीय ग्रामीण इसकी प्राकृतिक सुंदरता देखकर ताज्जुब व्यक्त करते हैं।झरने के आसपास मधुमक्खियों की भिनभिनाहट,शहद की मीठी सुगंध,वादियों में गूंजती आवाज़ें और पक्षियों की चहचहाहट मिलकर एक अलग ही अनुभूति प्रदान करती हैं। पहाड़ की तह-दर-तह चट्टानों से गिरता पानी बेहद मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है जो हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। स्थानीय बुजुर्गों का मानना है कि प्राचीन काल में राजाओं के इशारों पर युद्ध के दौरान यहाँ की मधुमक्खियाँ अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध सहयोग करती थीं।यही कारण है कि आज भी यहाँ विशाल मधुमक्खियों के छत्ते देखने को मिलते हैं,जो सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
नववर्ष और छुट्टियों के दौरान यह स्थल पिकनिक स्पॉट के रूप में भी खासा लोकप्रिय हो जाता है।पहाड़ से गिरता झरना,ऊँची प्राकृतिक दीवारें और मधुमक्खियों के विशाल छत्ते पर्यटकों को खूब लुभाते हैं।
चुनहेट झरना नाम कैसे पड़ा
बुजुर्गों के अनुसार इस क्षेत्र में कभी चूना(लाइमस्टोन)की खान हुआ करती थी,लेकिन विकास के अभाव में बेकार पड़ी रह गई।इसी के कारण इस स्थान का नाम चुनहेट पड़ा।
चुनहेट झरना कैसे पहुँचें

ऐतिहासिक स्थल महादेव मठ से होते हुवे नदी के किनारे-किनारे तथा वन कार्यालय से करीब 5 किलोमीटर जंगल की ओर जाने वाली पगडंडी से कमाल गांव होते हुए घने जंगल से गुजरते हुए सीधे चुनहेट झरना पहुँचा जा सकता है।

