नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों भारी ऑपरेशन संकट से जूझ रही है. लगातार हो रही फ्लाइट कैंसिलेशन और यात्रियों की नाराज़गी के बाद DGCA ने इंडिगो के CEO को जांच पैनल के सामने पेश होने के लिए तलब किया था, लेकिन इंडिगो के CEO ने एक दिन का समय मांगा, जिसे मंज़ूर कर लिया गया है. अब वे गुरुवार दोपहर 3 बजे DGCA पैनल के सामने अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे. DGCA ने साफ कहा है कि इस मीटिंग में एयरलाइन को मौजूदा संकट पर पूरी पारदर्शिता से जवाब देना होगा. जांच समिति ने इंडिगो से छह बड़े सवालों के स्पष्ट और डेटा-आधारित उत्तर तैयार रखने को कहा है, जो संकट की जड़ से जुड़े हैं. DGCA सबसे पहले यह समझना चाहता है कि इंडिगो का नेटवर्क अभी कितने प्रतिशत बहाल हो चुका है. साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द की गईं. क्या उन्हें वैकल्पिक फ्लाइट में जगह दी गई? इसका सटीक आंकड़ा मांगा गया है. DGCA यह जांचना चाहता है कि संवेदनशील कैटेगरी जैसे वरिष्ठ नागरिक, अकेले यात्रा कर रहे बच्चे और मेडिकल केस. इन्हें प्राथमिकता देने के लिए एयरलाइन क्या कर रही है और कैसे उनकी सहायता सुनिश्चित हो रही है. इंडिगो को ये बताना होगा कि ऑपरेशन की बहाली के लिए किस तरह की इंटरनल मॉनिटरिंग की व्यवस्था बनाई गई है और देरी-रद्दीकरण को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं. DGCA पायलट–केबिन क्रू की स्थिति के बारे में पूछ सकता है. वर्तमान में पायलट और केबिन क्रू की वास्तविक उपलब्धता कितनी है? कितने क्रू रोटेशन या रोस्टर की वजह से उपलब्ध नहीं थे? FDTL (नए ड्यूटी नियम) से जुड़ी समस्या का समाधान कैसे किया जा रहा है? आने वाले महीनों में भर्ती और ट्रेनिंग की क्या योजनाएं हैं? इंडिगो को अब तक रद्द की गई हर उड़ान का विवरण देना होगा और यह बताना होगा कि कितने रिफंड किए गए OTA MakeMyTrip, EaseMyTrip अगर और डायरेक्ट बुकिंग. दोनों प्रकार की भुगतान प्रणालियों में रिफंड की समय सीमा क्या रही।

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