
लोहरदगा । जिले के भंडरा थाना क्षेत्र में एक के बाद एक लगातार होने वाले घटनाओं ने लोगो के अंदर दहशत पैदा कर दी है।वही मंगलवार सुबह जंगली हाथी के हमले से एक दर्दनाक हादसा हो गया।मिली जानकारी के अनुसार भैसमुंदो और बेदाल गांव की सीमा पर खेत में काम कर रही महिला की हाथी ने कुचलकर मार दिया।इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल छा गया।वही मृतका की पहचान बेदाल टंगराटोली निवासी कृष्णा उरांव की पत्नी प्रतिमा उरांव के रूप में हुई है।जानकारी के अनुसार प्रतिमा उरांव मंगलवार सुबह अपने पति और बच्चों के साथ खेत में काम कर रही थीं।इसी दौरान जंगल और नदी की ओर से दो जंगली हाथी गांव की तरफ आ गए।बताया जा रहा है कि एक हाथी वापस जंगल की ओर लौट गया,जबकि दूसरा हाथी अचानक खेत में पहुंच गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खेत में मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले हाथी ने हमला कर दिया।हाथी ने प्रतिमा उरांव के पति और बच्चों को भी सूंड़ में लपेटकर कुछ दूर तक घसीटा, लेकिन बाद में छोड़ दिया।वहीं प्रतिमा उरांव हाथी के हमले की चपेट में आ गईं।और हाथी ने उन्हें पटक-पटक कर बेरहमी से कुचल दिया,जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।पति और बच्चों के सामने हुई इस घटना से परिवार सदमे में है।घटना के समय आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को भगाने का प्रयास किया।ग्रामीण गंभीर रूप से घायल महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंडरा ले जा रहे थे,लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही भंडरा थाना पुलिस एवं वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।वहीं वन विभाग ने पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से इलाके में जंगली हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ गई हैं।हाथियों के गांवों की ओर आने से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने,आबादी क्षेत्र से उन्हें दूर भगाने और प्रभावित गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।


