
पटना । बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। बिहार में इस बार विधान परिषद की 10 सीटों पर चुनाव होंगे। इनमें 9 सीटें उन सदस्यों के कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हो रही हैं जबकि एक सीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद रिक्त हुई है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए 1 जून को अधिसूचना जारी होगी जबकि 18 जून को मतदान कराया जाएगा। वोटों की गिनती भी उसी दिन होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इन 10 सीटों में से 9 सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन NDA के खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है जबकि एक सीट राष्ट्रीय जनता दल RJD को मिल सकती है। बिहार विधान परिषद से डॉ कुमुद वर्मा प्रोफेसर गुलाम गौस मोहम्मद फारूक भीष्म साहनी श्रीभगवान सिंह कुशवाहा संजय प्रकाश समीर कुमार सिंह सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है। हालांकि सम्राट चौधरी पहले ही इस सीट से इस्तीफा दे चुके हैं। बिहार विधानसभा में कुल 243 सदस्य हैं। विधान परिषद की एक सीट जीतने के लिए लगभग 24 से 25 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। मौजूदा स्थिति में बीजेपी जेडीयू गठबंधन के नेतृत्व वाले NDA के पास दो तिहाई बहुमत के करीब संख्या बल मौजूद है।इसी वजह से NDA की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। हालांकि गठबंधन की कोशिश सभी 10 सीटों पर जीत दर्ज करने की हो सकती है। वहीं आरजेडी अपने मौजूदा संख्या बल के आधार पर एक सीट हासिल कर सकती है।


