
हैदरनगर,(पलामू): ठंड व सर्दियों के मौसम में चर्म रोग से जुड़ी कई बीमारी उत्पन्न होने लगती हैं। इसमें सोरायसिस नामक लक्षण भी शामिल है। ठंडी और शुष्क हवा से त्वचा की नमी में कमी होने लगती है। इससे खुजली, त्वचा पर लाल चकत्ते और पपड़ीदार त्वचा आने के लक्षण दिखने लगते हैं। स्थानीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पीएन सिंह ने बताया कि सर्दियों में लोगों की लापरवाही से यह रोग बढ़ सकता है। सोरायसिस एक ऑटोइम्यून त्वचा रोग है। जिसमें त्वचा की कोशिकाएं पूर्व की अपेक्षा सामान्य से तेजी से वृद्धि होती है। इससे त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते, सूजन और खुजली होने लगती है। ठंड के मौसम में इस रोग के बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। उन्होंने कहा कि ठंडी और शुष्क हवा से त्वचा रुखा होना, धूप का सेवन नहीं करने से विटामिन डी की कमी होती है। इस मौसम में गर्म पानी से नहाने से त्वचा पर नमी नहीं रहती है। इससे बचने के लिए अधिक गर्म पानी से स्नान नहीं करना चाहिए। साथ ही त्वचा को अच्छी तरह कपड़े से ढककर रखने के अलावा संतुलित आहार और पर्याप्त पानी का सेवन करना होगा। वहीं तनाव से बचने और योग को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह उन्होंने दी है। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में किसी भी क्रीम या दवा के प्रयोग से पूर्व किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में अपनी त्वचा की समय पर इलाज और सही देखभाल करने से इस रोग से छुटकारा मिल सकता है। उन्होंने इस मौसम में असाध्य रोग से पीड़ित मरीजों के अलावा बुजुर्गों को ठंड से बचने की सलाह दी है।


