
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने आवास से प्रोजेक्ट बिल्डिंग तक का सफर बिना कारकेड का तय किया और किसी को पता भी नहीं चला। यह बात तब साने आई जब मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट बिल्डिंग की गेट पर एक सफेद रंग की फोरचूनर गाड़ी से बिना किसी सुरक्षा घेरे के खुद से ही ड्राइव कर पहुंचे और गाड़ी की गेट खोलकर निकलते दिखे। मुख्यमंत्री को अचानक अकेले गाड़ी से उतरता देख सचिवालय गेट पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारी परेशान हद गए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सीधे गाड़ी से उतरकर अपने कक्ष की ओर चले गए। मुख्यमंत्री के साथ सिर्फ अभिषेक प्रसाद पिंटू और एक सुरक्षा कर्मी अजय कुमार थे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री का यह कदम कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एक सोची-समझी योजना का हिस्सा था। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री रांची शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सड़कों की स्थिति और आम जनता को रोजाना होने वाली समस्याओं का जमीनी स्तर पर आकलन करना चाहते थे। वे यह देखना चाहते थे कि बिना वीआईपी मूवमेंट के शहर की रफ्तार कैसी रहती है और आम नागरिक किन चुनौतियों से जूझते हैं। आम तौर पर मुख्यमंत्री के आने से पहले पूरा रूट क्लियर कराया जाता है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते हैं, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रांची के एक निजी अस्पताल मे इलजरत वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

